
अंग्रेज़ी (इंग्लिश)
स्कूल में दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जाने वाली इंग्लिश के पहले 64 शब्द, देवनागरी उच्चारण के साथ।
हिंदी बोलने वाला बच्चा Lumi Kids में 11 भाषाओं में से कोई भी सीख सकता है, और Lumi उसे हिंदी में समझाता है। हर भाषा के पेज पर ऐप के पहले 64 शब्द और छोटे वाक्य हैं, हिंदी अर्थ और Lumi की आवाज़ के साथ, जिन्हें आप किसी भी फ़ोन के ब्राउज़र में सुन सकते हैं। ऐप ख़ुद सिर्फ़ iPhone और iPad के लिए है।

भाषा कैसे चुनें? स्कूल की इंग्लिश में मदद चाहिए तो शुरुआत इंग्लिश से कीजिए: NCERT की नई किताब मृदंग में इंग्लिश दूसरी भाषा (L2) है और ज़ोर बोलने पर है (NCERT, मृदंग कक्षा 1 की भूमिका, 5 अक्टूबर 2026 को देखा)। दूसरी विदेशी भाषा के लिए कोई ठोस वजह मदद करती है: परिवार का रिश्ता, आगे की कोई योजना, या बच्चे की अपनी दिलचस्पी।
उम्मीद छोटी रखिए। 4–9 साल में किसी नई भाषा का लक्ष्य है सुनकर पहचानना और कुछ शब्द और छोटे वाक्य बोलना। रोज़ 5–10 मिनट, और एक बार में एक ही नई भाषा।

स्कूल में दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जाने वाली इंग्लिश के पहले 64 शब्द, देवनागरी उच्चारण के साथ।

मेक्सिको के उच्चारण वाली स्पेनिश; इसका r हिंदी के र जैसा है और j उर्दू के ख़ जैसा।

फ़्रांस की फ़्रेंच; नाक से बोले जाने वाले इसके स्वर हिंदी के माँ और हाँ जैसे हैं।

हर संज्ञा के साथ der, die या das; acht का ch उर्दू के ख़ जैसा है।

तीन लिपियाँ, रोमाजी के साथ; छोटे-लंबे स्वर हिंदी की तरह मतलब बदलते हैं।

हंगुल लिपि; हवा वाले और बिना हवा वाले व्यंजन अलग हैं, जैसे हिंदी में प और फ।

दोहरे अक्षर हिंदी के पक्का और बच्चा जैसे; pizza और pasta भी इतालवी शब्द हैं।

ताइवान की मैंडरिन, पारंपरिक अक्षर और पिनयिन; टोन बदलने से मतलब बदल जाता है।

ब्राज़ील की पुर्तगाली; ब्रेड को pão कहते हैं, जिससे हिंदी का पाव आया।

आधुनिक मानक अरबी; किताब और कुर्सी जैसे शब्द हिंदी-उर्दू में भी हैं।

लैटिन अक्षरों में तुर्की: ç = च, ş = श, और kitap = किताब।
कोई एक भाषा हर बच्चे के लिए सही नहीं होती। वह भाषा चुनिए जिसकी आपके परिवार में कोई वजह हो: किसी रिश्तेदार का उस देश में होना, घूमने या रहने की योजना, या बच्चे की अपनी दिलचस्पी। घर में कोई उस भाषा में थोड़ा भी साथ दे सके तो और अच्छा। अगर स्कूल की इंग्लिश अभी कच्ची है, तो पहले उसी पर ध्यान देना आसान रहेगा।
NEP 2020 कहती है कि बच्चे 2 से 8 साल की उम्र में भाषाएँ बहुत तेज़ी से सीखते हैं और शुरुआत से उन्हें अलग-अलग भाषाओं से परिचय मिलना चाहिए, मातृभाषा पर ख़ास ज़ोर के साथ (NEP 2020, पैरा 4.12, 5 अक्टूबर 2026 को देखा)। शुरू में दो भाषाओं के शब्द मिला देना सामान्य है। हर भाषा का अपना समय रखिए, जैसे सुबह इंग्लिश और शाम को दूसरी भाषा।
NEP 2020 के अनुसार भारतीय भाषाओं और इंग्लिश के साथ कोरियाई, जापानी, थाई, फ़्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, पुर्तगाली और रूसी जैसी विदेशी भाषाएँ सेकेंडरी स्तर पर भी दी जाएँगी (NEP 2020, पैरा 4.20, 5 अक्टूबर 2026 को देखा); NEP के ढाँचे में यह स्तर कक्षा 9 से 12 है (NEP 2020, पैरा 4.1, 5 अक्टूबर 2026 को देखा)। आपके स्कूल में कौन-सी भाषा है और कब से, यह स्कूल से पूछिए। 4–9 साल में घर पर शुरुआत सुनने और खेल से होती है।
Lumi हिंदी में समझाता है, इसलिए जापानी या जर्मन सीखने के लिए बच्चे को पहले इंग्लिश जानने की ज़रूरत नहीं। बच्चा जो भाषा सीख रहा है, उसमें Lumi से बोलकर अभ्यास करता है। इस साइट के भाषा-पेजों पर भी हर शब्द और वाक्य का हिंदी अर्थ दिया गया है।
इस साइट के भाषा-पेज, उनके शब्द और Lumi की आवाज़ वाले क्लिप किसी भी फ़ोन के ब्राउज़र में मुफ़्त हैं, Android पर भी। Lumi Kids ऐप सिर्फ़ iPhone और iPad के लिए है। ऐप में पहले दो स्तर (बीज और अंकुर) और 60 सेकंड की लाइव बातचीत मुफ़्त हैं। Lumi Plus अपने-आप रिन्यू होने वाला सब्सक्रिप्शन है: ₹1,499 महीने का या ₹11,900 साल का प्लान (App Store India, 5 अक्टूबर 2026)। इससे आख़िरी दो स्तर (नन्हा पौधा और पेड़) खुलते हैं और हर हफ़्ते 10 मिनट की लाइव बातचीत मिलती है; सालाना प्लान नए सब्सक्राइबर के लिए 7 दिन के मुफ़्त ट्रायल से शुरू होता है।